Mirabai Chanu biography hindi- Commonwealth Games 2018 in Hindi - Hindi Haat

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Mirabai Chanu biography hindi- Commonwealth Games 2018 in Hindi

मीराबाई चानू Mirabai Chanu Biogrpahy


      21वें कॉमनवेल्थ गेम्स राष्ट्रमंडल खेल 2018 Commonwealth Games में मीराबाई चानू Mirabai Chanu ने भारत के लिए पहला गोल्ड Gold Medal जीता.ऑस्ट्रेलिया के गोल्ड कोस्ट में चल रहे कॉमनवेल्थ गेम्स में मीराबाई चानू ने Weaghtlifting में ये गोल्ड मेडल जीता है.चानू का यह सर्वश्रेष्ठ व्यक्तिगत प्रदर्शन है.कर्णम मल्लेश्वरी के बाद गोल्ड मेडल जीतने वाली मीराबाई दूसरी भारतीय वेटलिफ्टर बन गई है. 
        कर्णम मल्लेश्वरी ने साल 1995 में देश को पहला गोल्ड मेडल दिलाया था.साइखोम मीराबाई चानू ने  स्नैच में 86 का स्कोर किया और क्लीन एंड जर्क में 110 स्कोर करते हुए कुल 196 स्कोर के साथ गोल्ड मेडल जीतकर ना केवल इतिहास रच बल्कि भारत का नाम भी विश्वे में रोशन किया है. इससे पहले 2014 में हुए राष्ट्रमण्डल खेलो में 48 किलोग्राम भारोत्तोलन स्पर्धा Weightlifting में रजत पदक जीता था. 2014 के  राष्ट्रमण्डल खेलो में मीराबाई ने कुल 170 किलो वजन उठाया, जिसमें 75 स्नैच में और 95 क्लीन ऐंड जर्क में था.
        21वें कॉमनवेल्थ गेम्स के  48 किग्रा भार वर्ग में मलेशिया की रैनाइवोसोआ मैरी ने सिल्वर मेडल silver medal और  श्रीलंका की गोम्स दिनुषा को कांस्य पदक Bronze medal जीता है. मलेशियाई खिलाड़ी ने कुल 170 किग्रा, तो वहीं श्रीलंका की गोम्स ने 155 किग्रा भार वजन उठाया.

गुरुराजा ने जीता रजतपदक

        21वें राष्ट्रमंडल खेल 2018 में वेटलिफ्टिंग में ही गुरुराजा ने रजतपदक जीता.  कॉमनवेल्थ गेम्स के पहले दिन ही पदक जीत कर गुरुराजा ने पदक तालिका में भारत का खाता खोल था. 

मीराबाई चानू का संक्षिप्त जीवन परिचय Short Biography of Meerabai Chanu

        मीराबाई का पूरा नाम साइखोम मीराबाई चानू Saikhom Mirabai Chanu है. ये भारोत्तोलन में भारत का प्रतनिधत्वे करती है. मीराबाई का जन्म 8 अगस्त 1994 में हुआ था.मीराबाई चानू मणिपुर की राजधानी इंफाल की रहने वाली है.विपरीत परिस्थिति के बाद भी मीराबाई ने बचपन के पसंदीदा खेल को जारी रखा और आज विश्व में भारत का नाम रोशन कर रही है. 
        मीराबाई चानू के गांव में कोई ट्रेनिंग सेंटर नहीं था. ट्रेनिंग करने के लिए मीराबाई को  घर से लगभग 70 किलोमीटर दूर जाना पड़ता था.जीत के बाद मीडिया को दिए एक साक्षात्कार में उन्होंने बताया की उन्होंने एक मध्यम परिवार परिवार से होने और अनेक मुश्किलों  के बाद भी कड़ी लगन से प्रैक्टिस  की. उन्होंने बताया की खिलाड़ी के तौर पर जो डाइट उन्हे मिलनी चाहिए थी. वो भी कई बार नहीं मिल पाती थी. बावजूद इसके मीराबाई चानू ने खेल के प्रति अपने विश्वास को बरक़रार रखा और आज परिस्थितो को विपरीत से अनुकूल बना दिया.मीराबाई चानू के सलमान खान पसंदीदा फिल्म अभिनेता है.

  मीराबाई चानू की खेल में उपलब्धिया 

- 21वें कॉमनवेल्थ गेम्स में मीराबाई चानू ने भारत के भारोत्तोलन स्पर्धा में  पहला गोल्ड जीता था. 
- 2014 में हुए राष्ट्रमण्डल खेलो में 48 किलोग्राम भारोत्तोलन स्पर्धा में रजत पदक जीता था.
- 2016 में ब्राज़ील के रियो डी जेनेरो में आयोजित ग्रीष्मकालीन ओलम्पिक के लिए क्वालीफाई किया पर पदक नहीं जीत पाई. 
- साल 2016 में हुए विश्व चैंपियनशिप में कर्णम मल्लेश्वरी के बाद गोल्ड मेडल जीतने वाली वह दूसरी भारतीय बनी थी.

खेल छोड़ना चाहती थी मीराबाई

        एक समय सफलता न मिलने के कारण मीराबाई ने खेल की दुनिया छोड़ना का मन भी बना लिया था. वे अपने निराशाजनक प्रदर्शन के कारण डिप्रेशन में चली गईं थी. और उन्हें हर हफ्ते मनोवैज्ञानिक के सेशन तक लेने पड़. डिप्रेशन से उबरने में मीराबाई को काफी समय लगा.पर मीराबाई ने अपने आत्मविश्वास को नहीं खोया और आज भारत की इस बेटी ने भारत का नाम रोशन कर दिखया.
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