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How to be Successful and Rich in hindi

ऐसे बनें दुनिया में सबसे सफल और अमीर
How to be Successful and Super Rich

- तरुण  जैन @hindihaat
एक नहीं कई उदाहरण हमारे सामने हैं कि बहुत सामान्य या बेहद खराब दौर से अपने जीवन की शुरूआत करने वाले लोग अपनी सकारात्मक सोच और जज्बे के दम पर कुछ ही सालों में करोड़पति और अरबपति बन गए। उन्होंने अपने सपनों को साकार करने के लिए किसी जादू-टोने, टोटके, तंत्र-मंत्र या अन्य किसी शॉर्टकट का सहारा नहीं लिया, बल्कि एक ही ध्येय सामने रखा कि उन्हें आगे बढ़ना है और उन्हें आगे बढ़ने से कोई नहीं रोक सकता। ये लोग भाग्य के भरोसे नहीं बैठे बल्कि इन्होंने अपना भाग्य खुद बनाया।

बात करीब 24 साल पहले की है। चीन के लोगों को Hong Kong में कोई पार्सल या पत्र भेजने के लिए सरकारी डाक व्यवस्था का उपयोग करना पड़ता था। यह व्यवस्था बहुत महंगी और धीमी होने के कारण लोगों को काफी परेशानी होती थी। व्यापारियों के लिए तो ये बड़ी समस्या थी। खासकर कपड़ा व्यापारियों के लिए। इसी दौरान 22 वर्ष के युवा वांग वेई के दिमाग में ये ख्याल आया कि क्यों न एक कोरियर कम्पनी शुरू की जाए। वांग वेई ने अपने ख्याल को धरातल पर उतारा और अपने पिता से करीब 9 लाख  रूपए उधार लिए। वेई ने मात्र 6 कर्मचारियों के साथ अपनी कोरियर कम्पनी शुरू की और धीरे-धीरे उसकी मेहनत रंग लाई। मात्र 24 साल की यात्रा में ही यह शख्स दुनिया का चौथा अमीर आदमी बन बैठा। वांग वेई ने एसएफ एक्सप्रेस के नाम से बनी अपनी कम्पनी को कुछ समय पहले ही स्टॉक एक्सचेंज में लिस्ट करवाया और अपनी प्रतिद्वंदी कम्पनी जेडटीओ एक्सप्रेस को पछाड़ कर चीन की सबसे बड़ी कोरियर कम्पनी बना दिया। आज वेई की कोरियर डिलीवरी टीम में करीब 12 हजार कर्मचारी हैं।
ऐसा एक नहीं कई उदाहरण हमारे सामने हैं कि बहुत सामान्य या बेहद खराब दौर से अपने जीवन की शुरूआत करने वाले लोग अपनी सकारात्मक सोच और जज्बे के दम पर कुछ ही सालों में करोड़पति और अरबपति बन गए। उन्होंने अपने सपनों को साकार करने के लिए किसी जादू-टोने, टोटके, तंत्र-मंत्र या अन्य किसी शॉर्टकट का सहारा नहीं लिया, बल्कि एक ही ध्येय सामने रखा कि उन्हें आगे बढ़ना है और उन्हें आगे बढ़ने से कोई नहीं रोक सकता। ये लोग भाग्य के भरोसे नहीं बैठे बल्कि इन्होंने अपना भाग्य खुद बनाया। सही ही कहा है किसी विद्वान ने कि-
इस दुनिया में असम्भव कुछ भी नहीं
हम वो सब कर सकते हैं, जो हम सोच सकते हैं
और हम वो सब सोच सकते हैं, जो आज तक हमने नहीं सोचा।


दुनिया के सबसे बड़े उद्यमियों में शामिल स्वर्गीय धीरूभाई अंबानी बचपन में तेल ट्रांसपोर्ट का काम किया करते थे। स्कूल की छुट्टियों में गांव के चौराहे पर भुजिया बेचा करते थे, लेकिन कमाने का जुनून इस कदर था कि 17 साल की उम्र में यमन चले गए और क्लर्क का काम करने लगे, लेकिन यह उनकी मंजिल नहीं थी। दो साल बाद वे शैल कम्पनी के उत्पाद बेचने लगे। थोड़े समय बाद उन्हें शैल कम्पनी का ऑयल स्टेशन संभालने की जिम्मेदारी मिली, जिसे उन्होंने बखूबी निभाया और इसी दौरान उन्होंने ठान लिया कि वे खुद की कम्पनी स्थापित कर एक बडे़ उद्यमी बनेंगे। फिर क्या था वो वापस भारत आए और अहमदनगर में अपनी टैक्सटाइल मिल शुरू कर दी। इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा और दुनिया के सबसे अमीर लोगों में शामिल हो गए।
यह सब सम्भव हुआ सकारात्मक सोच, साहस और कुछ कर डालने की जिद के कारण। न कि भाग्य या तंत्र-मंत्र के भरोसे। आप भी इन महान उद्यमियों से प्रेरणा लेकर बन सकते हैं दुनिया के सबसे अमीर आदमी, बस जरूरत है आज से ही इन रास्तों पर चलने की

औरों से अलग करने की सोचें

अगर आप कम समय में एक बड़ी शख्सियत बनना चाहते हैं तो सबसे पहले आप अपने सोचने के तरीके बदलें। आप वो नहीं करें जैसा ज्यादातर लोग कर रहे हैं या करना चाहते हैं। ऐसा करने से आपके सफल होने के चांस बेहद कम हो जाएंगे, क्योंकि-
भीड़ हमेशा ऐसे रास्ते पर चलती है जो रास्ता आसान होता है और इसका मतलब यह नहीं कि भीड़ हमेशा सही रास्ते पर चलती है। अपने रास्ते खुद चुनिए, क्योंकि आपको आपसे बेहतर कोई नहीं जानता।

बढ़ जाएं तो बीच रास्ते से न लौटें

सफलता की दूसरी शर्त है अगर आपने अपने कदम किसी मंजिल की ओर बढ़ा दिए हैं तो बीच रास्ते में हार मानकर वापस नहीं लौट जाएं। जब तक मंजिल नहीं मिले, प्रयास जारी रखें, क्योंकि
बीच रास्ते से लौटने का कोई फायदा नहीं,  लौटने पर आपको उतनी ही दूरी तय करनी पड़ेगी, जितनी दूरी तय करने पर आप लक्ष्य तक पहुंच सकते हैं।

दिन-रात टारगेट पर रहे ध्यान

सफलता का अगला मूलमंत्र है कि जो आप पाना चाहते हैं आपके दिल और दिमाग में सिर्फ वही टारगेट रहे। सोते-जागते हर वक्त आपको आपका लक्ष्य ध्यान में रहना चाहिए, क्योंकि -
अगर किसी चीज को दिल से चाहो तो पूरी कायनात उसे तुमसे मिलाने में लग जाती है।

टूटें नहीं, बिखरें नहीं

बड़े लक्ष्य की राह में चुनौतियां बहुत होती हैं, लेकिन मंजिल उन्हीं को मिलती है, जो असफलता से सीखते हुए आगे बढ़ जाते हैं। न कि एक हार के बाद टूट कर बिखर जाते हैं। क्योंकि-
महानता कभी न गिरने में नहीं, बल्कि हर बार गिरकर उठ जाने में है और यह 100 फीसदी सच है कि मेहनत कभी बेकार नहीं जाती।

गलती स्वीकार करना सीखें

सफल व्यक्ति कई गलतियां करता है, क्योंकि गलती वही व्यक्ति करता है जो कुछ करना चाहता है। इसलिए गलतियों से डरे नहीं, बस गलतियों को दोहराएं नहीं। गलतियां स्वीकार करें और उनसे सीखें। क्योंकि -
अगर आप समय पर अपनी गलती स्वीकार नहीं करते हैं तो आप एक और गलती कर बैठते हैं। आप अपनी गलतियों से तभी सीख सकते हैं, जब आप अपनी गलतियों को स्वीकार करते हैं।

परिस्थतियों से न घबराएं

बड़े सपने को साकार करने में परिस्थितियां कई बार बाधक बनती हैं, लेकिन उनसे घबराएं नहीं। उनका समाधान सोचें और जो चीजें आपके नियंत्रण से बाहर हैं, उनके लिए समय बर्बाद नहीं करें। क्योंकि-
अगर आप उन बातों और परिस्थितियों की वजह से चिंतित हैं जो आपके नियंत्रण में नहीं हैं तो इसका परिणाम सिर्फ समय की बर्बादी और पछतावा है।

खुद को खोजें

दुनिया में ऐसा कोई लक्ष्य नहीं है, जिसे हम हासिल नहीं कर सकते। जिन्हें हम आज पूजते हैं, वे भी किसी समय एक सामान्य इंसान थे। उन्होंने स्वयं को खोजा और महान बनाया। क्योंकि-
ब्रह्माण्ड की सारी शक्तियां पहले से हमारी हैं। वो हमी हैं जो अपनी आंखों पर हाथ रख लेते हैं और फिर रोते हैं कि कितना अंधकार है। 

समय का बहाना नहीं बनाएं

वही व्यक्ति सफल होता है जो अपने जीवन के पल-पल को अपने लक्ष्य को प्राप्त करने में लगा देता है। वह कभी यह बहाना नहीं बनाता कि उसे समय नहीं मिला। क्योंकि-

आप यह नहीं कह सकते कि आपके पास समय नहीं है। आपको भी दिन में उतना ही समय मिलता है, जितना समय महान एवं सफल लोगों को मिलता है।

रखें मजबूत हौसला

हमारी सफलता इससे सुनिश्चित होती है कि हम मुसीबतों का सामना कितना डटकर करते हैं। मुसीबतों से भागकर हम नई मुसीबतों को जन्म देते हैं। जीवन में समय-समय पर मुसीबतें और चुनौतियां आती रहेंगी। यही जीवन का सत्य है और हमें इनका सामना करना ही होगा अगर हमें सफल होना है। क्योंकि -
एक शांत समुद्र में कोई व्यक्ति कभी भी कुशल नाविक नहीं बन सकता।

अडिग रखें अपना विश्वास

आप का विश्वास और आत्म विश्वास जितना मजबूत होगा। आपकी सफलता का प्रतिशत उतना ही बढ़ता चला जाएगा। आत्मविश्वास ही आपको हारी हुई बाजी जिता सकता है। क्योंकि -
आत्मविश्वास में वो शक्ति है, जिससे उजड़ी हुई दुनिया में प्रकाश लाया जा सकता है। विश्वास पत्थर को भगवान बना सकता है।

नजरिया बदलें, नजारा बदल जाएगा

महान वो ही लोग बनते हैं। जो अपना नजरिया बदलते हैं और रचनात्मक होते हैं। समस्याओं को अनदेखा करते हैं और आगे बढ़ते हैं। क्योंकि
बारिश के दौरान सारे पक्षी आश्रय की तलाश करते हैं, लेकिन बाज बादलों के उपर उड़कर बारिश को ही अनदेखा कर देते हैं। समस्याएं कॉमन हैं, लेकिन आपका नजरिया अंतर पैदा करता है।
तो देर किस बात की दोस्तों इन छोटे-छोटे सिद्धांतों को जीवन में उतारो और दुनिया के सबसे सफल और अमीर शख्स  बन जाओ।

1 comment:

  1. Laksya na ojhal hone paye kadam milakr chl saflta tere kadam chumegi aj nhi to kl

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